मंदी से बाहर आयी भारतीय अर्थव्यवस्था तीसरी तिमाही में विकास दर 0.4%

कोरोना महामारी की मार झेल रही अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर है| भारतीय अर्थव्यवस्था अब वापस विकास के दौर में प्रवेश कर गई है| कोरोना के मार के कारण लगातार दो तिमाही भारत का जीडीपी विकास दर नकारात्मक रहने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था मंदी के दौर में प्रवेश कर गई थी| लेकिन दिसंबर में समाप्त हुए तीसरी तिमाही में मामूली 0.4% जीडीपी विकास दर के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था अब आधिकारिक रूप से मंदी से बाहर आ गई है|

वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही, जब देश लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा था और सब कुछ बंद था, तब जीडीपी विकास दर गिरकर -24.4% पहुंच गया था| जबकि जुलाई-सितंबर की दूसरी तिमाही में विकास दर में सुधार आया और वह -7.3% रहा|

पहली एवं दूसरी तिमाही में जीडीपी विकास दर नकारात्मक रहने के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था आधिकारिक रूप से मंदी के दौर में प्रवेश कर गई थी| लेकिन एकबार फिर से जीडीपी विकास दर 0.4% के साथ ही सही अब भारतीय अर्थव्यवस्था विकास के पटरी पर लौट आई है|

सरकार द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार तीसरी तिमाही में कृषि विकास दर 3.9% रहा जबकि औद्योगिक विकास दर 2.7% एवं उत्पादन क्षेत्र में विकास दर 1.6% रहा| लेकिन सेवा एवं व्यापार तथा होटल क्षेत्र में विकास दर अभी भी नकारात्मक है| सेवा क्षेत्र में यह -1% है तो व्यापार एवं होटल क्षेत्र में -7.7% है|

जीडीपी विकास दर के ताजा आंकड़े के बाद वित्त मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि इससे स्पष्ट है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में V शेप की रिकवरी हो रही है|

 


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